Category: Arzoo Shayari

Arzoo shayari।Arzoo shayari in Hindi

Arzoo shayari।Arzoo shayari in Hindi

Arzoo shayari
Ai Maut Tujhe Bhi Gale Laga Lunga Jara Thahar,
Abhi Hai Aarzoo Sanam Se Lipat Jaane Ki.
ऐ मौत तुझे भी गले लगा लूँगा जरा ठहर,
अभी है आरज़ू सनम से लिपट जाने की।


Arzoo shayari
मैं पागल ही सही मगर मैं वो हूँ
जो तेरी हर आरजू के लिये टूट जाऊँ.


Arzoo shayari
ज़रा शिद्दत से चाहो तभी होगी आरज़ू पूरी, हम वो नहीं जो तुम्हे खैरात में मिल जायेंगे


Arzoo shayari
जीने के आरजू में मरे जा रहे है लोग,
मरने के आरजू में जिया जा रहा हु मै


Arzoo shayari
दस्तक सुनी – तो जाग उठा- दर्दे–आरज़ू,
अपनी तरफ क्यों आती नहीं प्यार की हवा


Arzoo shayari
Na Khushi Ki Talaash Hai Na Gam-e-Nijaat Ki Aarzoo,
Main Khud Se Bhi Naraaj Hun Teri Naraajgi Ke Baad.
न खुशी की तलाश है न गम-ए-निजात की आरजू,
मैं खुद से भी नाराज़ हूँ तेरी नाराजगी के बाद।


Arzoo shayari
साँस रूक जाये भला ही तेरा इन्तज़ार करते-करते,
तेरे दीदार की आरज़ू हरगिज कम ना होगी.

Arzoo shayari।Arzoo shayari in Hindi

कभी कभी सोचता हूँ आखिर यहाँ कौन जीत गया,
मेरी आरज़ू उसकी ज़िद या फिर मोहब्बत.


साक़ी मुझे भी चाहिए इक जाम-ए-आरज़ू,
कितने लगेंगे दाम ज़रा आँख तो मिला…!!


आरज़ू झूट है,
आरज़ू का फरेब खाना नहीं,
खुश हो रहना हो ज़िन्दगी में तुम्हे,
दिल कभी किसी से लगाना नहीं.


Arzoo Ya Hay K Izhar-E- Muhabbat Ker Lu,
Alfaz Chunti Hoon To Lahmhaat Badal Jate Hain.
आरज़ू या है के इजहार ए मोहब्बत कर लु,
अल्फ़ाज़ चुनती हूं तो लम्हात बदल जाते है.


Hum teri aarzoo main jeete hain.
Ye nahi hai to zindagi nahi.
हम तेरी आरज़ू में जीते है,
ये नहीं है तो ज़िन्दगी नहीं.


Kya likhu dil ki haqeeqat aarzoo behosh hai,
Khat pe aansoo beh rahey hai aur kalam khaamosh hai.
क्या लिखूं दिल की हकीकत आरज़ू बेहोश है,
ख़त पे आंसू बह रहे है और कलम ख़ामोश है.


Badi Aarzoo Thi Mohabbat Ko Benaqab Dekhne Ki,
Dupatta Jo Sarka To Zulfein Deewar Ban Gayi.
बड़ी आरज़ू थी मोहब्बत को बेनकाब देखने की,
दुपट्टा जो सरका तो जुल्फें दीवार बन गयी।


Aane Laga Hayaat Ko Anjam Ka Khayal,
Jab Aarjuyein Failkar Ik Daam Ban Gayin.
आने लगा हयात को अंजाम का ख्याल,
जब आरजुएं फैलकर इक दाम बन गयीं।

Arzoo shayari।Arzoo shayari in Hindi

ये आरज़ू थी के ऐसा भी कुछ हुआ होता,
मेरी कमी ने तुझे भी रुला दिया होता,
मैं लौट आता तेरे पास एक लम्हे में,
तेरे लबों ने मेरा नाम तो लिया होता।


Aarzoo Honi Chahiye Kisi Ko Yaad Karne Ki,
Lamhe To Khud-Ba-Khud Mil Jaya Karte Hain.
आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की,
लम्हे तो खुद-व-खुद मिल जाया करते हैं।


Aisa Nahi Hai Ki Ab Teri Justzu Nahi Rahi,
Bas Tut Kar Bikharne Ki Aarzoo Nahi Rahi.
ऐसा नहीं है कि अब तेरी जुस्तजू नहीं रही,
बस टूट कर बिखरने की आरज़ू नहीं रही।


Arzoo shayari।Arzoo shayari in Hind
मुझे ये डर है तेरी आरज़ू ना मित जाए,
बहुत दिनों से तबियत मेरी उदास नहीं।।


Arzoo shayari।Hindi Arzoo shayari
कुछ तो मेरे पंदर – ए – मोहब्बत का भरम रख,
तो भी तो कभी मुझ को मानने के लिए आ।।


Arzoo shayari
फरयाद कर रही है ये मेरी तरसी हुई निगाह,
दिखे हुए किसी को बहुत दिन गुजर गए।।


Arzoo shayari
उमर ए दराज मांग के लाए थे चार दिन,
दो आरज़ू में कट गए दो इंतज़ार में।।


Arzoo shayari
तू है सूरज तुझे रात का क्या मालूम,
तू किसी रोज़ उतर मेरे घर में शाम के बाद।।