Ghamand shayari

1 घमंड शराब जैसा होता है साहिब
खुद को छोड़ कर सब को पता चलता है
की इसको चढ़ गई है

2 इंसान को कभी अपने वक़्त पर घमंड नही करना चाहिए
जिंदगी है साहिब छोड़ कर चली जायेगी
मेज पर होगी तस्वीर ओर कुर्सी खाली रह जाएगी

3 ना तेरी शान कम होती, ना तेरा रुतबा घटा होता ।
जो ग़ुस्से में कहा , वही हंस के कहा होता ।

4 ना इतराओ इतनी बुलंदियो को छूकर
वक़्त के सिकंदर पहले भी कही हुए है
जहा होते थे कभी शहंशाह के महल
देखे है वही अब उनके मजबरे बने हुए है

5 घमंड न करना जिंदगी में
तकदीर बदलती रहती है
शीशा वही रहता है
बस तस्वीर बदलती रहती है